रविवार, 11 फ़रवरी 2018

मैं जादूगर शब्दों का

हाँ मैं जादूगर शब्दों का ,
मग़र चुप रहता हूँ ।
हाँ मैं कलाकार कलम का ,
मग़र लिखता नहीं हूँ ।
सुनता हूँ बाते दुनियां की ,
कलम लोगों की पढ़ता हूँ ।
सुन कर बातें दुनियां की ,
खामोश रह जाता हूँ ।
पढ़ कर कलम लोगो की ,
 मेरी कलम उठती नहीं है ।
....विवेक दुबे "निश्चल"©..
Dec 5, 2015 · 

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कलम चलती है शब्द जागते हैं।

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